Best Whatsapp Messages upto 27.12.2015





(1)
एक लकडहारा जंगल मे लडकी काट रहा था
कि
तभी
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वहाँ CID आई और उसको पकड लिया
आप सोच रहे होंगे कि उस लकडहारे को क्यों
पकड लिया ???
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तो भाई , सावन के अंधे तो हो नहीं , फिर भी ,
" लड़की " को लकड़ी पढ़ रहे हो ??
जरा ऊपर जाकर ठीक से पढ़िए क्या लिखा
है .. 

(2)

पाकिस्तान वाले कहते है
हम इंडिया से कश्मीर

को
लेकर ही रहेंगे
.
अब उन्हें कौन समझाये
.
.
.
की इंडिया में लोग अपने
क्लास की
लडकी
किसी
ओर क्लासवालो को पटाने
नही देते
तो कश्मीर
क्या खाक देंगे.......

(3)

पत्नी को शादी के कुछ
साल बाद ख्याल आया,
कि अगर वो अपने पति को
छोड़ के चली जाए तो पति
कैसा महसूस करेगा।
ये विचार उसने कागज पर
लिखा ,
" अब मै तुम्हारे साथ और
नहीं रह सकती,
मै उब गयी हूँ तुम्हारे साथ
से,
मैं घर छोड़ के जा रही हूँ
हमेशा के लिए।”
|
उस कागज को उसने टेबल
पर रखा और जब पति के
आने का
टाइम हुआ तो उसकी
प्रतिक्रिया देखने के लिए
बेड के नीचे
छुप गयी।
|
पति आया और उसने टेबल
पर रखा कागज पढ़ा।
कुछ देर की चुप्पी के बाद
उसने उस कागज पर कुछ
लिखा।
|
फिर वो खुशी की सिटी
बजाने लगा, गीत गाने
लगा,
डांस करने लगा और कपड़े
बदलने लगा।
|
फिर उसने अपने फोन से
किसी को फोन लगाया
और कहा
|
" आज मै मुक्त हो गया "
शायद मेरी मूर्ख पत्नी
को समझ आ
गया की वो मेरे लायक ही
नहीं थी,
|
इसलिए आज वो घर से
हमेशा के लिए चली गयी,
इसलिए अब मै आजाद हूँ,
तुमसे मिलने के लिए, मैं आ
रहा हूँ
कपडे बदल कर तुम्हारे
पास, तुम तैयार हो के मेरे
घर के सामने
वाले पार्क में अभी आ जाओ
”।
|
पति बाहर निकल गया,
|
आंसू भरी आँखों से पत्नी बेड
के नीचे से निकली और
कांपते
हाथों से कागज पर लिखी
लाइन पढ़ी
|
जिसमे लिखा था,
|
" बेड के नीचे से पैर दिख
रहे है बावली पार्क के
पास वाली
दुकान से ब्रेड ले के आ रहा
हूँ
|
तब तक चाय बना लेना।
|
मेरी जिंदगी में खुशियां
तेरे बहाने से है....
|
आधी तुझे सताने से है,
|
आधी तुझे मनाने से है ।

(4)
" छोटा सा गाँव "
.
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छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था,

एक नाई, एक मोची, 
एक काला लुहार था.
छोटे छोटे घर थे, 
पर हर आदमी बङा दिलदार था,
छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था ।

कही भी रोटी खा लेते, 
हर घर मे भोजऩ तैयार था,
बड़ी की सब्जी मजे से खाते थे,
जिसके आगे शाही पनीर बेकार था..
छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था।

दो मिऩट की मैगी ना, 
झटपट दलिया तैयार था,
नीम की निम्बोली और शहतूत सदाबहार था.
अपना घड़ा कस के बजा लेते,
समझो पूरा संगीतकार था,
छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था।

मुल्तानी माटी से तालाब में नहा लेते, 
साबुन और स्विमिंग पूल बेकार था,
और फिर कबड्डी खेल लेते, 
हमे कहाँ क्रिकेट का खुमार था,
छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था।

दादी की कहानी सुन लेते, 
कहाँ टेलीविज़न और अखबार था,
भाई - भाई को देख के खुश था, 
सब मे बहुत प्यार था,
छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था।

वो प्यार, वो संस्कृति 
मैं अब कहाँ से लाऊं,
ये सोच सोच कर ही,
मैं बहुत दुख पाऊं।
जो वो समय फिर आ जाये तो बहुत मजा पाऊं,
मैं अपनी असली जिन्दगी जी पाऊं, 
और मैं इस धरती को सौ-सौ शीश झुकाऊं।
वो छोटा सा एक गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था।

(5)
Jaan dimag khrb ho gya h bhut.... pta h ghr pe meri engagment ki baat chl rahi h.. ek rista aya h mama ki side se, mujhe kuch samjh nai aa raha.. kal rat hi sab fix  hua hai or mujhe pata bhi nhi..mujhe abhi btaya or engegmnt ki date 5 th January. ko hi rkhi h..shadi bad me ho jaegi..sb mujhe bht force kr rhe h kya karu kuch samajh nai aa rha....
Itna kehkar santa chala gya or uski gf rone lagi......
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